बीएनएस धारा 108 क्या है | BNS Section 108 in Hindi

बीएनएस धारा 108 – आत्महत्या के लिए उकसाना

भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 में आत्महत्या के लिए उकसाने या मजबूर (Incitement to suicide) करने के कार्य को अपराध के रुप में बताया गया है। इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए प्रोत्साहित (Encouraged) करता है, मजबूर करता है, या निर्देश (Instructions) देता है। तो उस व्यक्ति को धारा 108 के तहत कार्यवाही कर दंडित किया जा सकता है।

भारतीय न्याय संहिता 108 के लागू होने की मुख्य बातें

यह धारा निम्नलिखित स्थितियों में लागू होती है:

  • जब कोई व्यक्ति सीधा किसी दूसरे व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए कहता है।
  • जब कोई व्यक्ति ऐसी परिस्थितियां (Situations) पैदा करता है जिसके कारण दूसरा व्यक्ति आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाता है।
  • जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को आत्महत्या करने में किसी भी प्रकार से सहायता करता है।
  • यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करने का प्रयास (Attempt to suicide) करता है और वह जिंदा बच जाए, तो भी जिस व्यक्ति ने उसे ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर किया था। उस व्यक्ति पर बीएनएस की धारा 108 लागू होगी।
  • किसी को दोषी साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष (Prosecutors) को यह साबित करना होगा कि उकसाने वाले का आत्महत्या को प्रोत्साहित करने या मदद करने का इरादा था। केवल किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बहस या असहमति होना पर्याप्त नहीं होगा।

आत्महत्या के लिए उकसाना क्या होता है?

मान लीजिए यदि कोई व्यक्ति किसी दिन खुद को बहुत ज्यादा परेशान (Upset) महसूस कर रहा है और आत्महत्या करने के बारे में सोच रहा है। उसी समय अगर कोई व्यक्ति उस व्यक्ति को अपनी किसी बात के द्वारा आत्महत्या करने के लिए प्रोत्साहित करता या उसकी मदद करता है। तो ऐसे कार्यों को आत्महत्या के लिए उकसाना माना जा सकता है। जैसे:- किसी व्यक्ति को ऐसा कोई सामान लाकर देना जिससे वो खुद को नुकसान पहुँचा सकता है। या किसी को इतना परेशान करना जिससे वो पुरी तरह से आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाए।

आत्महत्या के लिए उकसाना एक अपराध क्यों है?

आत्महत्या करने का फैसला कोई इंसान तब ही लेता है जब वो अपने जीवन में पूरी तरह से टूट चूका हो। ऐसे समय में वो व्यक्ति खुद को बहुत ही कमजोर व लाचार (Weak & Helpless) महसूस करता है। ऐसे में जब कोई व्यक्ति आत्महत्या के लिए उसे उकसाता है, तो वह उस व्यक्ति की कमजोरी का फायदा उठाता है और उस व्यक्ति को मर जाने के उसके निर्णय में मदद करता है। इसीलिए भारतीय कानून के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने वालों को दंडित किया जाता है।

BNS 108 के अपराध का उदाहरण

एक बार अमित नाम का एक स्टूडेंट परीक्षा में फैल हो जाने के बाद बहुत ही निराश महसूस कर रहा था। जिसकी वजह से उसके मन में अपने भविष्य को लेकर बहुत सारी गलत बाते आ रही थी। उसी समय वहाँ पर प्रिया नाम की उसकी एक दोस्त आती है, और अमित उसे अपनी परेशान होने की सारी बात बता देता है। लेकिन प्रिया उसका हौसला बढ़ाने के बजाय उसे और भी निराश करना शुरु कर देती है। उसने कहा कि वह अब अपनी जीवन में कभी भी कुछ हासिल नहीं कर पाएगा और उसे बस अपनी जान ले लेनी चाहिए।

प्रिया की ये बाते सुनकर अमित और भी ज्यादा परेशान हो जाता है, जिसके बाद वो आत्महत्या करने के बारे में सोचने लग जाता है। इसके कुछ ही समय बाद अमित बहुत ही ज्यादा तंग आकर छत से कूदकर आत्महत्या कर लेता है। कुछ दिनों बाद अन्य छात्रों की मदद से पता चलता है कि प्रिया ने ही उसको ऐसा कार्य करने के लिए उकसाया था। जिसके बाद पुलिस के द्वारा प्रिया पर BNS Section 108 के तहत कार्यवाही की जाती है।

BNS Section 108 के तहत कुछ दंडनीय कार्य

  • किसी को आत्महत्या करने के लिए कहना, उसे ऐसा करने के लिए कोई सामान देना या उसे मजबूर करना।
  • जहर, हथियार या इस प्रकार के कार्य को करने का तरीका बताकर सहायता करना।
  • किसी को परेशान करना, गलत सोचने के लिए मजबूर करना, या लगातार आत्महत्या के बारे में सोचने के लिए मजबूर करना।
  • किसी को मानसिक रुप से अपमानित करके या कमजोर बनाकर।
  • कर्ज में डुबोकर या वित्तीय (Financially) रूप से कमजोर बनाकर।
  • मारपीट या शारीरिक नुकसान पहुंचाना जिससे वो ऐसा अपने जीवन को खत्म करने पर मजबूर हो जाए।
  • परिवार और दोस्तों से अलग करके, सामाजिक रूप से अलग करके मजबूर करना।
  • आत्महत्या करने का स्थान या तरीका ढूंढने में मदद करना।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के अपराध की सजा

बीएनएस की धारा 108 में सजा के प्रावधान (Provision) के लिए बताया गया है, कि यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है। जिसमें बाद में यह साबित हो जाता है कि किसी अन्य व्यक्ति ने उस व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाया है, तो उस व्यक्ति को दस साल तक की कैद और जुर्माना की सजा से दंडित (Punished) किया जा सकता है।

इस प्रकार के अपराध में उकसाने के लिए दोस्त, रिश्तेदार, या कोई भी अन्य व्यक्ति शामिल हो सकता है, जिसने उस व्यक्ति को ऐसा कार्य करने के लिए मजबूर किया हो।

बीएनएस की धारा 108 में जमानत कब और कैसे मिलती है

बीएनएस की धारा 108 के तहत किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करना या उकसाना एक संज्ञेय अपराध (Cognizable Crime) होता है। यदि किसी भी व्यक्ति पर इस अपराध के लिए आरोप (Blame) लगते है, तो उस व्यक्ति को पुलिस बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर सकती है। इसके साथ ही इस अपराध की गंभीरता को देखते हुए गैर-जमानती (Non-Bailable) भी रखा गया है। जिसका मतलब है कि इस अपराध के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को जमानत (Bail) मिलना मुश्किल हो जाता है।

BNS Section 108 के तहत लगे आरोप के खिलाफ बचाव कैसे करें

  1. ऐसे अपराध में यदि आप पर कार्यवाही कि जाती है, तो सबसे पहले आपको किसी वकील (lawyer) की सहायता की आवश्यकता पड़ती है। जो आपके केस को अच्छे से समझकर आपके बचाव के लिए आपकी मदद करेगा।
  2. इसके बाद आपको कैसे भी करके यह साबित करना होगा कि आपका इरादा किसी भी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने या उकसाने का नहीं था।
  3. इसके साथ ही आप को यह भी साबित करना होगा कि आप पर दूसरे पक्ष के द्वारा किसी बात का गलत मतलब निकालकर झूठे आरोप (False Allegations) लगाए गए है।
  4. आप आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के साथ अपने पिछले संबंधों के सबूतों को पेश कर सकते है। जो ये साबित करते हो कि आप ने उस व्यक्ति की हमेशा भलाई के लिए ही सोचा है।
  5. मरने वाले व्यक्ति को पहले से ही अगर कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ थी या वो किसी अन्य व्यक्ति की वजह से परेशान रहता था। लेकिन आरोप आप पर लगाए गए है तो आप कोर्ट में यह सारी बाते बताकर बचाव के लिए अपना पक्ष रख सकते है।
  6. अगर आपके पास कोई ऐसा सबूत है जो ये साबित कर सके कि उस व्यक्ति का आत्महत्या करने का खुद का फैसला था, तो ऐसे सबूत को भी जरुर पेश करें।
  7. अपने वकील पर भरोसा रखे व उनके सभी निर्देशों का पालन करें, अगर आप निर्दोष (Innocent) होंगे तो आप जरुर ऐसे मामलों से बच जाएंगे।

महत्वपूर्ण नोट:- ये सभी बचाव उपाय तभी काम कर सकते है जब आपने सच में कोई अपराध नहीं किया होगा और आपके पास आपके बचाव के लिए सभी सबूत (Evidence) भी होंगे। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी कानूनी कार्यवाही से पहले आपको किसी वकील से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।

BNS Section 108 in Hindi

Important Links

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Most Popular

Recent Comments

news-1701

sabung ayam online

yakinjp

yakinjp

rtp yakinjp

slot thailand

yakinjp

yakinjp

yakin jp

yakinjp id

maujp

maujp

maujp

maujp

sabung ayam online

sabung ayam online

judi bola online

sabung ayam online

judi bola online

slot mahjong ways

slot mahjong

sabung ayam online

judi bola

live casino

sabung ayam online

judi bola

live casino

SGP Pools

slot mahjong

sabung ayam online

slot mahjong

SLOT THAILAND

118000691

118000692

118000693

118000694

118000695

118000696

118000697

118000698

118000699

118000700

118000701

118000702

118000703

118000704

118000705

118000706

118000707

118000708

118000709

118000710

118000711

118000712

118000713

118000714

118000715

118000716

118000717

118000718

118000719

118000720

118000721

118000722

118000723

118000724

118000725

118000726

118000727

118000728

118000729

118000730

128000681

128000682

128000683

128000684

128000685

128000686

128000687

128000688

128000689

128000690

128000691

128000692

128000693

128000694

128000695

128000726

128000727

128000728

128000729

128000730

128000731

128000732

128000733

128000734

128000735

128000736

128000737

128000738

128000739

128000740

138000441

138000442

138000443

138000444

138000445

138000446

138000447

138000448

138000449

138000450

138000451

138000452

138000453

138000454

138000455

138000456

138000457

138000458

138000459

138000460

138000451

138000452

138000453

138000454

138000455

138000456

138000457

138000458

138000459

138000460

158000346

158000347

158000348

158000349

158000350

158000351

158000352

158000353

158000354

158000355

158000356

158000357

158000358

158000359

158000360

158000361

158000362

158000363

158000364

158000365

208000361

208000362

208000363

208000364

208000365

208000366

208000367

208000368

208000369

208000370

208000401

208000402

208000403

208000404

208000405

208000408

208000409

208000410

208000416

208000417

208000418

208000419

208000420

208000421

208000422

208000423

208000424

208000425

208000426

208000427

208000428

208000429

208000430

208000431

208000432

208000433

208000434

208000435

228000061

228000062

228000063

228000064

228000065

228000066

228000067

228000068

228000069

228000070

228000071

228000072

228000073

228000074

228000075

228000076

228000077

228000078

228000079

228000080

228000081

228000082

228000083

228000084

228000085

228000086

228000087

228000088

228000089

228000090

228000091

228000092

228000093

228000094

228000095

228000096

228000097

228000098

228000099

228000100

228000101

228000102

228000103

228000104

228000105

228000106

228000107

228000108

228000109

228000110

228000111

228000112

228000113

228000114

228000115

228000116

228000117

228000118

228000119

228000120

228000121

228000122

228000123

228000124

228000125

228000126

228000127

228000128

228000129

228000130

228000131

228000132

228000133

228000134

228000135

228000136

228000137

228000138

228000139

228000140

news-1701